Click here for Myspace Layouts

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

माननीय साथियो..........



 माननीय साथियो
तीन साल के अपने ब्लॉग लेखन में मुझे एक से एक अच्छी व उच्च स्तरीय  रचनाये
पढने को मिली,व आज भी उम्दा लेखको का प्रवेश ब्लॉग जगत में हो रहा है,मै अपनी पिछली  पोस्ट,  ब्लॉग बुलेटिन की पोस्ट '' अभी अलविदा न कहना ... ब्लॉग बुलेटिन ''[धीरेन्द्र जी ]के माध्यम से आप सभी के विचारों से अवगत हुआ ,मुझे पहली बार  यह एहसास हुआ कि यह ब्लॉग जगत अपनी रचनाओं को लिखने भर का मंच नही है,यह तो एक भरा पूरा परिवार है,जिससे हम एक अटूट रिश्ते के साथ जुड़े है,परिवार की भाति इसमें भी हमारे बुजुर्ग ,हम उम्र ,व युवा है. मुझसे भूल हुयी ,कि मैने इन रिश्तो  को अनदेखा कर ऐसा लिखा ,मै आप सभी से अपनी इस भूल के लिये माफी चाहता हूँ. समय मिलने पर अपने इसी ब्लॉग पर पूर्व की भाति लेखन कार्य जारी रखुगां.
क्षमा याचनाके साथ 
विक्रम सिंह

9 टिप्‍पणियां:

  1. विक्रम जी आपका स्वागत है ... बहुत बहुत आभार जो आपने हम सब की विनती स्वीकार की ... हार्दिक शुभकामनायें स्वीकार करें !

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत बहुत स्वागत और शुभकामनायें...

    उत्तर देंहटाएं
  3. मै नवभारत में आप की पोस्ट पढकर पहली बार आप के ब्लॉग में आयी,अपने इस सुन्दर लेखन से हम पाठको वंचित न करे, खुशी हुई की आप ने अपना निर्णय बदल लिया

    उत्तर देंहटाएं
  4. अच्छा हुआ,जल्दी लौट आये...स्वागत है !

    उत्तर देंहटाएं